बोलो जयकारा बोल मेरे श्री गुरु महाराज की जय 🙇🏼♀️🌹🙏🏻
🧘♀️🧘🏻गाइडेड मेडिटेशन 🌿 “परम शून्यता की यात्रा”🌿
🌼🪷हमारे भीतर मोह, लाभ और अहंकार का एक अदृश्य जाल बुनता चला जाता है।
🌼🪷हम इन बंधनों को ही अपनी पहचान समझ बैठते हैं — मानो यही जीवन का सार हों।
पर क्या कभी सोचा है —
जिन वस्तुओं, संबंधों या उपलब्धियों के प्रति आज हम इतने आसक्त हैं,
क्या वे अंतिम समय में हमारे साथ जाएँगी?
नहीं…🙏🏻🙏🏻
💵💵न धन, न मान, न अहंकार — कोई भी नहीं।
जो कुछ भी नश्वर है, वह यहीं रह जाएगा।
साथ जाएगा तो केवल हमारा अनुभव, हमारी चेतना, और हमारे कर्मों का संस्कार।
इस सत्य को जान लेना ही आध्यात्मिक जागृति की प्रथम सीढ़ी है।🙇🏼♀️🙇🏼♀️
जब यह समझ भीतर उतर जाती है, तब मन का शोर शांत होने लगता है।
तब हम उस परम शून्य की ओर अग्रसर होते हैं —
जहाँ न मोह रहता है, न अहंकार, केवल अस्तित्व की मौन उपस्थिति रह जाती है।🧘🏻🧘🏻🧘♀️
File:159{Mansik Shanti Part 2}
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🌼🪷जो है — वही हमारा वर्तमान (present) है,
और उसी वर्तमान में छिपा है हमारी आत्मा का असली स्वभाव — मन की आंतरिक शांति।
वही शून्यता हमारी वास्तविकता है,
🌹🙏🏻🌹🙏🏻वही हमारा मूल स्वरूप है।
उसे पाने के लिए बाहर नहीं, भीतर उतरना पड़ता है।
जब हम अपने मन के मास्टर बन जाते हैं,
तब भीतर का सागर स्थिर हो जाता है,
और उसी स्थिरता में प्रकट होती है परम शांति —
जहाँ “मैं” नहीं, केवल “वह” है।
बोलो जयकारा बोल मेरे श्री गुरु महाराज की जय 🙇🏼♀️🙏🏻🌹