ॐ श्री परमहंसाय नमः
जीवन कोई साधारण खेल नहीं है। यह भगवान का दिया हुआ एक अनमोल अवसर है। हर इंसान अपने भीतर दिव्यता का अंश लेकर आया है। जब हम अपने मन और इंद्रियों पर विजय पा लेते हैं, तब हम पूरे विश्व पर विजय प्राप्त कर सकते हैं।
🔹 होगा वही जो निश्चित है
ॐ श्री परमहंसाय नमः
जो कुछ भी हमारे जीवन में होने वाला है, वह पहले से ही तय है। भविष्य की चिंता और भूतकाल का पछतावा केवल हमें कमजोर करते हैं। इसलिए जो सामने है, उसी वर्तमान कार्य को पूरी एकाग्रता और उत्साह के साथ करो।
🔹 उत्साह ही लक्ष्मी का द्वार है
ॐ श्री परमहंसाय नमः
उत्साह से भरा हुआ मनुष्य सब कुछ कर सकता है।
निराश व्यक्ति चाहे कितना भी शक्तिशाली क्यों न हो, बेकार हो जाता है।
जबकि उत्साही व्यक्ति कठिन से कठिन परिस्थिति को भी जीत लेता है।
उत्साह संपन्न घर में लक्ष्मी स्वयं प्रवेश करती है।
🔹 संयम ही शक्ति है
ॐ श्री परमहंसाय नमः
आज की युवा पीढ़ी नशे, व्यसनों और गलत आदतों में डूब रही है। ये आदतें हमारी जीवन-शक्ति को नष्ट कर देती हैं।
नशा, व्यभिचार और असंयम जीवन के लौकिक और पारलौकिक दोनों विकास को रोक देते हैं।
संयम, व्यायाम, और ब्रह्मचर्य से जीवन तेजस्वी और धर्मवान बनता है।
🔹 असली मित्र कौन?
ॐ श्री परमहंसाय नमः
जो मित्र आपको गलत राह पर ले जाए, बुरी आदतों में धकेल दे, वह असली मित्र नहीं है।
हमारे सच्चे मित्र श्रीकृष्ण हैं।
जिन्होंने अर्जुन का सारथी बनकर उसे जीत दिलाई, वही हमारे भी मार्गदर्शक हैं।
🔹 आनंद का रहस्य
ॐ श्री परमहंसाय नमः
सच्चा आनंद भोगों में नहीं, बल्कि नाम-जप और धर्मपालन में है।
दुख में भी मुस्कुराना,
विपत्ति में भी नाचना,
और केवल प्रभु के लिए रोना – यही भगवान के अंश की पहचान है।
🌸 प्रेरक संदेश
हर कष्ट को सहो और रौंद डालो।
सोच को नियंत्रण में लाओ।
उत्साह और संयम के साथ जियो।
प्रभु के नाम का निरंतर जप करो।
और अपने आचरण से भारत को महान बनाओ।
✨ निष्कर्ष
मानव जीवन निराश होने के लिए नहीं, बल्कि भगवत्प्राप्ति और लोककल्याण के लिए मिला है।
ॐ श्री परमहंसाय नमः महामंत्र को अपने जीवन का आधार बनाओ।
जो व्यक्ति संयम और उत्साह से धर्मपथ पर चलता है, वह अपने जीवन में ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र में भी दिव्य प्रकाश फैला देता है।