जीवन में ऐसा कोई नहीं जिसने कभी न कभी जानकर या अनजाने में पाप न किया हो। लेकिन जब व्यक्ति सच्चे हृदय से भगवान की ओर मुड़ता है 💛, तब उसके जीवन में कुछ गहरे और दिव्य संकेत प्रकट होने लगते हैं। ये कष्ट नहीं — शुद्धि की प्रक्रिया है।
अक्सर भक्ति शुरू होते ही सुख नहीं, बल्कि परीक्षाएँ आती हैं।
🔹 अपने ही लोग विरोध करने लगते हैं
🔹 आर्थिक या संबंधों में अचानक तनाव बढ़ जाता है
🔹 मन भटकता है, भजन में भी बेचैनी रहती है
🔹 अजीब स्वप्न आने लगते हैं
🔹 संसार की चीजें फीकी लगने लगती हैं
यह सब दुर्भाग्य नहीं है। यह पुराने कर्मों का अंतिम विसर्जन है 🔥
जैसे सूर्योदय से पहले अंधकार गहरा होता है 🌅, वैसे ही कृपा से पहले कष्ट तीव्र होते हैं।
ऐसे समय क्या करें?
✨ नाम मत छोड़िए
✨ भजन मत छोड़िए
✨ गुरु की शरण मत छोड़िए
भगवान का नाम स्वयं अग्नि है — वह भीतर के पापों को भस्म कर देता है 🔥🙏
याद रखिए, पापों का जलना सुखद नहीं होता, पर यही आत्मा को निर्मल बनाता है।
यदि जीवन में कष्ट बढ़ रहे हैं, तो समझिए — भगवान आपकी सफाई कर रहे हैं 💫
डटे रहिए, नाम जपते रहिए…
अंधकार के बाद ही प्रेम का प्रकाश आता है 🌼✨
ॐ श्री परमहंसाय नमः